Sunday, August 11, 2013

बेंड इट लाइक धोनी


क्रिकेट क्रेज़ी देश में अब मचेगी फुटबॉल की धूम...
क्योंकि क्रिकेट का किंग बनाएगा फुटबॉल को पॉपुलर...
अब फुटबॉल को आगे लाने की कोशिश करेंगे धोनी...
इंग्लिश प्रीमियर लीग का करेंगे प्रचार
दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लीग इंग्लिश प्रीमियर लीग को टीवी के जरिए प्रमोट करने जा रहे हैं टीम इंडिया के सबसे कामयाब कप्तान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी....17 अगस्त से शुरू होने जा रही इस लीग का प्रसारण कर रहे स्पोर्ट्स चैलन के मुताबिक वो धोनी जैसे सुपरहिट स्टार के जरिए  भारत में फुटबॉल के क्रेज़ को फिर से जिंदा करना चाहते हैं...उनका मानना है कि माही की मौजूदगी देश भर के युवाओं को दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग की ओर खींच लाएगी।
धोनी का जाना पहचाना चेहरा क्रिकेट की तरह फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ाने में भी मददगार होगा और इससे भारत में  इंग्लिश प्रीमियर लीग के प्रशंसकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
तो अब फुटबॉल प्रेमी और मैनचेस्टर युनाइटेड के समर्थक माने जाने वाले धोनी टेलीविजन स्क्रीन पर दर्शकों से फुटबॉल देखने की अपील करते नजर आएंगे। जल्द ही लॉन्च होने वाले फुटबॉल लीग के ऐड में दिखाया जाएगा कि किस तरह से धोनी हर वीकेंड पर बीपीएल देखने के लिए टीवी से चिपके रहते हैं और उनके परिवार वाले और दोस्त उन्हें यहां -वहां ढूंढते फिरते हैं।
धोनी के पमैनेजमेंट को देखने वाले स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फॉर्म रिति स्पोर्ट्स के प्रमोटर अरुण पांडे को भी लगता  है कि धोनी के  फुटबॉल से जुड़ जाने से भारत में इस खेल को उठाने में मदद मिल सकती है।
फुटबॉल के साथ धोनी के जुड़ जाने से भारत में फुटबॉल को काफ़ी फ़ायदा मिल सकता है।  इससे भारत में फुटबॉल भी नई ऊंचाईयों तक पहुंच सकता है।
धोनी कितने बड़े ब्रांड है ये किसी से छिपा नहीं हैं...क्रिकेट प्लेइंग कंट्री से लेकर पूरी दुनिया में धोनी की धूम है...वो टीम इंडिया को आईसीसी के तीनों ही फॉर्मेट में टॉप पर पहुंचा चुके हैं...तो वहीं उनकी कप्तानी में ही भारत ने टी-20 और वनडे वर्ल्ड कप ख़िताब पर कब्जा किया...इसके अलावा एंडोर्समेंट में भी धोनी की ही धूम है...
धोनी इस समय क़रीब 15 ब्रांड से जुड़े हुए हैं...जिनमें रीबॉक, पेप्सीको., और एयरसेल जैसे बड़े ब्रांड शामिल हैं...इससे उन्हें  हर एंडॉर्समेंट से क़रीब 10 करोड़ रुपये की सालाना आमदनी होती है।
धोनी की स्टार वैल्यू का लोहा इंग्लिश प्रीमयिर लीग भी मान चुकी है ...और उन्हें लगी के एक मैच में मैन ऑफ द मैच की ट्रॉफी देने के  लिए यूरोप भी बुलाया जा चुका है....हालांकि धोनी बीजि होने की वजह से वहां नहीं जा सके थे...और उनकी जगह युवराज सिंह ने प्रेजेंटेशन में हिस्सा लिया था...यही नहीं आज धोनी वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे पॉपुलर खिलाड़ियों में से भी एक है....और इसका ही नतीजा है कि फुटबॉल जैसे पॉपुलर स्पोर्ट्स को प्रमोट करने के लिए बॉडकॉस्टर्स ने धोनी पर ही दांव खेला हैं...यानी माही का मैजिक ही बनाएगा फुटबॉल को सुपरहिट।



Friday, May 17, 2013

मैच फिक्सर्स के दामन अभी और बदरंग होने बाकी हैं...


जैसे जैसे वक्त बीत रहा है...पर्दे के पीछे से छनकर आने वाली हकीकत हर सुनने वाले को हैरान कर रही हैं...कम वक्त में बेशुमार दौलत का मालिक बनने के चक्कर में इन क्रिकेटरों ने हर मर्यादा...हर धर्म यहां तक की अपनी पहचान तक बदल दी.. तभी तो सेलेब्रिटी से गुनहगार बनने तक का सफर रातों रात तय हो गया...पुलिस ने जब पूछताछ का सिलसिला शुरू किया तो सामने आया एक और सच...ऐसा सच जिसने न सिर्फ क्रिकेट की दुनिया को शर्मसार किया बल्कि हर सुनने वाले को सोचने पर मजबूर कर दिया कि इन्हीं गेंदबाज़ों की गेंद पर आप और हम पागलों की तरह तालियां और पैसा बहाते थे... जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस जब श्रीसंत और उसके बुकी दोस्त जीजू जनार्दन को गिरफ्तार करने पहुंची तो उनके साथ गाड़ी में अनजान लड़कियां मौजूद थी...पूछताछ हुई तो खुलासा हुआ कि बुकी क्रिकेटरों को खुश करने के लिए ना सिर्फ पैसा बल्कि लड़कियां भी मुहैय्या कराया करते थे...बताया जा रहा है कि दो बुकी मनन और चांद ने एस श्रीसंत और अजीत चंदीला को तीन बार लड़कियां मुहैय्या कराई हैं... इस खुलासे ने कई सवालों को भी जन्म दे दिया...मसलन

कितना पुराना है क्रिकटरों और बुकीज़ का रिश्ता?

कब से चलती आ रही है इनकी डीलिंग?

कब से क्रिकेटर और बुकी की जोड़ी दे रही है आम लोगों को धोखा?

कब से चल रही है स्पॉट फिक्सिंग?कहां तक फैला है पैसे और सेक्स का जाल?

ये वो तमाम सवाल हैं जिनके जवाब जानने के लिए दिल्ली पुलिस बुकी और क्रिकेटरों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है...हर पल होते खुलासे और मामले की गंभीरता देखते  दिल्ली पुलिस कमिश्नर भी खुद को रोक नहीं पाए और पहुंच गए स्पेशल सेल के दफ्तर जहां बुकी और इन क्रिकेटरों की जमात को रखा गया था....


Wednesday, May 15, 2013

IPL - 6: बाहर हुए Defending Champions

 जेएससीए स्टेडियम में पुणे ने रोमांचक मुकाबले में कोलकाता को सात रनों से हरा दिया। इस हार के साथ ही कोलकाता की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गईं। जीत के लिए जरूरी 171 रनों के जवाब में कोलकाता निर्धारित 20 ओवर्स में 163 रन ही बना सकी। कोलकाता के लिए यूसुफ पठान का ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड  आउट होना टर्निग प्वाइंट साबित हुआ। पुणे के मनीष पांडे को उनकी अर्धशतकीय पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। 







साथ ही आईपीएल-6 में एक नया रिकॉर्ड बना है. वैसे ये रिकॉर्ड ऐसा नहीं है, जिस पर गर्व किया जा सके. आईपीएल में पहली बार किसी खिलाड़ी को क्षेत्ररक्षकों को बाधा पहुँचाने की कोशिश (ऑब्सट्रक्टिंग द फ़ील्ड) में आउट दिया गया है.
ये रिकॉर्ड बना है कोलकाता नाइट राइडर्स के यूसुफ़ पठान के नाम. पुणे वॉरियर्स के ख़िलाफ़ मैच में रन लेने की कोशिश के क्रम में यूसुफ़ पठान ने गेंद को पैर से मारा, जब क्षेत्ररक्षक गेंद को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे. अंपायर ने तीसरे अंपायर से सलाह ली और रीप्ले देखने के बाद यूसुफ़ पठान को आउट दे दिया गया.






हार के बाद निराश कप्तान गौतम गंभीर

Saturday, March 30, 2013

IPL season 6: IPL 2013 teams list and Players

CHENNAI SUPER KINGS

Akila Dananjaya, Albie Morkel, Anirudha Srikkanth, Ankit Singh Rajpoot, Baba Aparajith, Ben Hilfenhaus, Ben Laughlin, Christopher Morris, Dirk Nannes, Dwayne Bravo, Francois Du Plessis, Imtiaz Ahmed, Jason Holder, Michael Hussey, Mohit Sharma, MS DHONI (C), Murali Vijay, Nuwan Kulasekara, R Karthikeyan, Ravichandran Ashwin, Ravindra Jadeja, Ronit More, Shadab Jakati, Subramaniam Badrinath, Suresh Raina, Vijay Shankar, Wriddhiman Saha



DELHI DAREDEVILS


Ajit Agarkar, Andre Russell, Arisht Singhvi, Ashish Nehra, CM Gautam, David Warner, Gulam Bodi, Irfan Pathan, Jeevan Mendis, Johan Botha, Kedar Jadhav, MAHELA JAYAWARDENE (C), Manpreet Juneja, Morne Morkel, Naman Ojha, Pawan Negi, Roelof Van Der Merwe, Royston Dias, Siddarth Kaul, Sujit Nayak, Shahbaz Nadeem, Umesh Yadav, Unmukt Chand, Venugopal Rao, Virender Sehwag, Yogesh Nagar

KINGS XI PUNJAB


ADAM GILCHRIST (C), Aniket Choudhary, Azhar Mahmood, Bhargav Bhatt, Bipul Sharma, David Hussey, David Miller, Dimitri Mascarenhas, Gurkeerat Mann Singh, Harmeet Singh Bansal, Luke Pomersbach, Manan Vohra, Mandeep Singh, Manpreet Gony, Nitin Saini, Parvinder Awana, Paul Valthaty, Piyush Chawla, Praveen Kumar, R Sathish, Ryan Harris, Sandeep Sharma, Shaun Marsh, Siddharth Chitnis, Sunny Singh





KOLKATA KNIGHT RIDERS



Brad Haddin, Brendon McCullum, Brett Lee, Debabrata Das, Eoin Morgan, GAUTAM GAMBHIR (C), Iqbal Abdulla, Jacques Kallis, James Pattinson, Lakshmipathy Balaji, Laxmi Ratan Shukla, Manoj Tiwary, Manvinder Bisla, Mohammad Shami, Pradeep Sangwan, Rajat Bhatia, Ryan McLaren, Ryan ten Doeschate, Sachithra Senanayake, Sarabjit Singh Ladda, Shakib Al Hasan, Sunil Narine, Yusuf Pathan





MUMBAI INDIANS
Abu Nechim Ahmed, Akshar Patel, Aditya Tare, Aiden Blizzard, Ambati Rayudu, Amitoze Singh, Dhawal Kulkarni, Dinesh Karthik, Dwayne Smith, Glenn Maxwell, Harbhajan Singh, Jacob Oram, Jalaj Saxena, James Franklin, Jaspreet Bumrah, Javed Khan, Kieron Pollard, Lasith Malinga, Mitchell Johnson, Munaf Patel, Nathan Coulter-Nile, Philip Hughes, Pawan Suyal, Pragyan Ojha, RICKY PONTING (C), Rishi Dhawan, Rohit Sharma, Sachin Tendulkar, Suryakumar Yadav, Sushant Marathe, Yuzvendra Singh Chahal

PUNE WARRIORS INDIA

Aaron Finch, Abhishek Nayar, Ajantha Mendis, Ali Murtaza, ANGELO MATHEWS (C), Anustup Majumdar, Ashoke Dinda, Bhuvneshwar Kumar, Dheeraj Jadhav, Eklavya Dwivedi, Harpreet Singh, Ishwar Pandey, Kane Richardson, Krishnakant Upadhyay, Luke Wright, Mahesh Rawat, Manish Pandey, Marlon Samuels, Mitchell Marsh, Mithun Manhas, Parveez Rasool, Rahul Sharma, Raiphi Gomez, Robin Uthappa, Ross Taylor, Shrikant Wagh, Steve Smith, Tirumalasetti Suman, Tamim Iqbal, Udit Birla, Yuvraj Singh, Wayne Parnell

RAJASTHAN ROYALS


Ajinkya Rahane, Ajit Chandila, Ankeet Chavan, Ashok Menaria, Brad Hodge, Brad Hogg, Dishant Yagnik, Fidel Edwards, Harmeet Singh, James Faulkner, Kumar Boresha, Kevon Cooper, Kusal Janith Perera, Owais Shah, Pravin Tambe, RAHUL DRAVID (C), Rahul Shukla, S Sreesanth, Sachin Baby, Samuel Badree, Sanju Samson, Shane Watson, Shaun Tait, Shreevats Goswami, Siddharth Trivedi, Stuart Binny, Vikramjeet Malik


ROYAL CHALLENGERS BANGLORE


AB De Villiers, Abhimanyu Mithun, Abhinav Mukund, Andrew McDonald, Arun Karthik, Cheteshwar Pujara, Chris Gayle, Christopher Barnwell, Daniel Christian, Daniel Vettori, Harshal Patel, Jaidev Unadkat, K P Appanna, Karun Nair, Mayank Agarwal, Moises Henriques, Murali Kartik, Muttiah Muralitharan, Pankaj Singh, Prasanth Parameswaran, R. Vinay Kumar, Ravi Rampaul, Rudra Pratap Singh, S Aravind, Sandeep Warrier, Saurabh Tiwary, Sheldon Jackson, Sunny Sohal, Syed Mohammad, Tillakaratne Dilshan, Vijay Zol, VIRAT KOHLI (C), Zaheer Khan


SUNRISERS HYDERABAD


Akshath Reddy, Amit Mishra, Anand Rajan, Ankit Sharma, Ashish Reddy, Biplab Samantray, Cameron White, Chris Lynn, Dale Steyn, Darren Sammy, Dwaraka Ravi Teja, Hanuma Vihari, Ishant Sharma, Karan Sharma, KUMAR SANGAKKARA (C), Nathan McCullum, Parthiv Patel, Prasanth Padmanabham, Quinton de Kock, Sachin Rana, Shikhar Dhawan, Sudeep Tyagi, Thalaivan Sargunam, Thisara Perera, Veer Pratap Singh

Thursday, January 24, 2013

हो गई तैयार... 2015 की धोनी आर्मी


15 जनवरी (पहली जीत) 
19 जनवरी (दूसरी जीत) 
23 जनवरी (तीसरी जीत) 
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इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज़ में टीम इंडिया को हासिल हुई तीन-तीन बेहतरीन जीत के बाद ... ये बताने की ज़रूरत नहीं है कि मैन इन ब्ल्यू एक बार फिर फॉर्म में लौट आए हैं। लेकिन जिस ढंग से इस सीरीज़ में धोनी के धुरंधरों ने मैदान मारा ... ये बात ज़रूर साफ हो गई है कि अंग्रेज़ों के खिलाफ बदले की बाज़ी में अगर धोनी ने टीम के युवा चेहरों पर ... विश्वास जताया तो वो गलत बिल्कुल नहीं थे। टीम के वो चेहरे जिन्हें प्लेइंग-11 से भी बाहर किए जाने की ... बातें हो रहीं थीं उन पर ना सिर्फ धोनी ने लगातार अपना विश्वास बरकरार रखा ...  बल्कि प्लेइंग इलेवन में जगह भी दी।
ये धोनी के विश्वास औऱ प्रोत्साहन का ही नतीजा था कि कल तक सवालों के घेरे में दिख रहे ... युवा सितारे अब सुनहरे भविष्य की तस्वीर बनकर दिखाई दे रहे हैं। बल्लेबाज़ी से लेकर गेंदबाज़ी औऱ फिर फील्डिंग ... हर मोर्चे पर धोनी की यंग ब्रिगेड अपने कप्तान के फैसलों को सही साबित कर रही है। जहां रहाणे, रोहित औऱ रैना बल्ले से टीम में अपनी जगह को फिर से मज़बूती देने में जुटे हैं ... तो वहीं ईशांत, भुवनेश्वर, जडेजा औऱ अश्विन की गेंदें विरोधियों की विकेट्स झटक ... कप्तान का हौसला मज़बूत कर रही हैं।  आलम ये है कि फैन्स के साथ-साथ ... अब क्रिकेट के जानकारों को भी टीम इंडिया में एक बार फिर 2007 जैसी पुरानी भूख दिखाई देने लगी है। जहां  टीम की पहली बार कप्तानी मिलने पर धोनी ने सीनियर्स को भूल ... युवाओं को एक मकसद देकर 2011 वर्ल्डकप के लिए तैयार किया था। ऐसे में समझा जा सकता है कि कप्तान धोनी का अगला मिशन अब 2015 वर्ल्डकप है ... जिसके लिए एक बार फिर उन्होंने युवाओं पर ही बाज़ी खेलने का मन बनाया है। फिर जिस तरह से महीनों जारी खराब प्रदर्शन के बाद ... युवा टीम इंडिया पूरा दम दिखाते हुए इंग्लैंड के खिलाफ वापसी करने में कामयाब हुई है ... उम्मीद की जा सकती है कि 2015 तक यही टीम इंडिया अपने वर्ल्डकप खिताब को डिफेंड करने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी होगी ।

Thursday, October 11, 2012

टीम इंडिया का डबल स्टैंडर्ड

टीम इंडिया हो तो ज़ीरो

इसे इत्तेफाक कहें या फिर इंडियन प्रीमियर लीग में पैसों की चमक ... लेकिन हकीकत ये है ट्वेंटी-20 वर्ल्डकप में टीम इंडिया के 7 बल्लेबाज़ों में से 5 बल्लेबाज़ों का प्रदर्शन ऐसा रहा ... जो ये दिखाता है कि इन्हें सिर्फ बीसीसीआई की मिलियन डॉलर लीग यानि आईपीएल में खेलना ही रास आता है... सबसे पहले बात करते हैं कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की... आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते हुए धोनी ने जहां 78 मैचों में 37.12 की औसत और 136.44 के स्ट्राइक रेट से 1782 रन बनाए हैं... जिनमें 9 अर्द्धशतक भी शामिल हैं... तो वहीं टीम इंडिया की तकफ से 38 इंटरनेशनल ट्वेंटी-20 मैच खेलते हुए धोनी ने सिर्फ 652 रन बनाएं हैं... और इन मैचों में उनका औसत 31.08 का रहा... ताज्जुब की बात ये भी है कि धोनी के बल्ले से जहां आईपीएल में 9 अर्द्धशतक निकले... वहीं इंटरनेशनल ट्वेंटी-20 में एक भी पचासा नहीं निकला... गौतम गंभीर ... कोलकाता नाइटराइडर्स को इस साल खिताब दिलाने वाले गौतम गभीर ने आईपीएल के 72 मैचों में 2065 रन बनाए हैं... जिनमें गंभीर का औसत 33.30 का और स्ट्राइक रेट 128.90 का रहा... जबकि इंटरनेशनल ट्वेंटी मैचों में गंभीर ने 33 मैचों में 27.83 की मामूली औसत से 835 रन बनाए... कुछ ऐसा ही हाल वीरेंद्र सहवाग का भी है... वीरु ने जहां आईपीएल के 66 मैचों में 30.30 की औसत से 1879 रन बनाए... तो वहीं टीम इंडिया के लिए खेलते हुए 19 इंटरनेशनल ट्वेंटी-20 मैचों में 21.99 की मामूली औसत से 394 रन बनाए... बात करें युवा खिलाड़ियों की तो रैना और रोहित भी आईपीएल के मुकाबले इंटरनेशनल ट्वेंटी-20 मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हैं... सुरेश रैना ने  आईपीएल में 33.64 की औसत से 2254 रन बनाए जबकि टीम इंडिया के लिए खेले गए ट्वेंटी-20 मैचों में रैना के बल्ले से 33.39 की औसत से 768 रन निकले... जाहिर है आंकड़े साफ दिखाते हैं कि इन खिलाड़ियों की नज़र में टीम इंडिया कितनी अहमियत रखती है... लेकिन सवाल यही है कि आखिर आईपीएल का आकर्षण आखिर कब तक भारतीय फैंस को मायूस करता रहेगा। 

Monday, June 4, 2012

संसद की पिच पर खरे उतरेंगे 'भगवान' ?

I am here because of my cricketing career, I won't leave playing cricket

राज्यसभा सांसद बने सचिन तेंदुलकर की ज़ुबान से निकले ये शब्द ... साफ इशारा कर रहे हैं कि क्रिकेट के भगवान का पहला प्यार क्रिकेट ही रहने वाला है... 22 गज की पिच को अपनी ज़िंदगी समझने वाले सचिन ...उससे दूर नहीं रह सकेंगे... ऐसे में ये सवाल उठना लाज़िमी है... कि क्या सचिन संसद की पिच पर अपनी नई ज़िम्मेदारियां उठा पाएंगे... या फिर इन जिम्मेदारियों के बीच ... भगवान का क्रिकेट प्रेम आड़े आ जाएगा... क्योंकि अगले एक साल तक का संसद सेशन और क्रिकेट कैलेंडर तो कुछ यही इशारा कर रहा है...ज़रा पार्लियामेंटरी सेशन और टीम इंडिया के क्रिकेट कैलेंडर पर नज़र डालिए...

संसद का मॉनसून सत्र 22 जुलाई से शुरू होगा... जो करीब 22 दिन तक चलेगा... जबकि इसी बीच टीम इंडिया को श्रीलंका का दौरा करना है... जो 22 जुलाई से ही शुरू हो रहा है... और टीम इंडिया का ये दौरा 7 अगस्त तक चलेगा... इसके बाद संसद का विंटर सेशन नवंबर से शुरू होगा ...जो करीब ढेड़ महीने चलता है... जबकि नवंबर में टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू और वनडे सीरीज़ खेलनी है... और ये सीरीज़ 27 जनवरी तक खेली जानी है...

जाहिर है आंकड़े साफ दिखा रहे हैं कि इस साल होने वाले संसद के दो सत्रों में तो सचिन का अपनी नई ज़िम्मेदारियों को निभाना फिलहाल मुमकिन नहीं लगा रहा... हालांकि खुद सचिन से जब ये सवाल पूछा गया कि क्या वो अपनी नई जिम्मेदारियों को निभाएंगे... हालांकि सचिन के क्रिकेट प्रेम को देखते हुए ...फिलहाल ये मुमकिन भी नज़र नहीं आता कि वो क्रिकेट को अलविदा कह देंगे... ऐसे में सवाल यही उठता है कि साल भर में 250 दिन क्रिकेट खेलने वाले सचिन क्या अपनी नई जिम्मेदारियों को निभा पाएंगे।