Saturday, January 16, 2010

शूटिंग छोडेंगे बिंद्रा?


बीजिंग ओलंपिक में भारत को इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड मेडल जिताने वाले अभिनव बिंद्रा शूटिंग छोड़ने का मन बना रहे हैं। ओलंपिक में पहला गोल्ड मेडल जीतने के 17 महीनों बाद ही बिंद्रा को निशानेबाजी में अपना भविष्य अब अंधकारमय लगने लगा है और बिंन्द्रा अब खेल अधिकारियों और national rifle association से इतने आहत हैं कि वो शूटिंग छोडने के बारे में सोच रहे हैं। बिंद्रा के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि खेल प्राधिकरण के इस कठोर कदम... और बेवजह के प्रोटोकॉल के कारण ही वह खेल को अलविदा कहने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। बिंद्रा ने कहा है कि उन्हे ट्रायल्स के बारे में बताया नहीं जाता। इसलिए वो विदेश में अपने हिसाब से ट्रैनिंग कर दिल्ली कॉमन्वेलथ गेम्स की तैयारी करना चाहते हैं..साथ ही बिंद्रा विदेशी टूर्नामेंट्स में प्रदर्शन को चयन का आधार बनाना चाहते थे..लेकिन nrai ने इस आधार पर बिंद्रा को कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप के लिए नहीं चुना। इसलिए अभिनव बिंद्रा ने national rifle assoction पर निशाना साधते हुए एक तरह से शूटिंग छोड़ने की चेतावनी दे डाली है। आपको बता दे की अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में भारत की ओर से शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता था और वो इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी है। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स में भी बिंद्रा से पदक की उम्मीद है ..लेकिन बिंद्रा एसोसिएशन के रवैय्ये से जिस तरह आहत है उसके बाद शूटिंग में मेडल्स की उम्मीदों को करारा झटका लगा है।

2 comments:

  1. it is really sad to see that politics play such a heavy role in our sports. i have been reading the news and it s quite apparent that bindra will not be able to compete in world cup championships as well. this is happening because bindra opted to state about the reality after his gold winning performance in the beijing olympics.

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  2. इन जोकरों की मंडली से बेचारा बिंद्रा (मय देश के) और उम्मीद ही क्या कर सकता है. सु्प्रीम कोर्ट को चाहिये कि केंद्र को ऐसा कानून बनाने का आदेश दे जिसके चलते केवल वही खेल प्रशासन से जुड़ पाएं जिन्होंने अंतरार्ष्ट्रीय स्तर पर उसी खेल में नाम कमाया हो, जिसकी अगुआई की वे हामी भरते हैं. वर्ना ये जोकें यूं ही चूसती रहेंगी प्रतिभाओं को.

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