Sunday, November 8, 2009

सीरिज़ निकली हाथ से !


वडोदरा में 4 रन से हारे....
मोहाली में नहीं बने 250 रन
हैदराबाद में 3 रन से मिली हार
और गुवाहाटी में भी गंवाया मैच
ये है ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया का रिपोर्ट कार्ड जो चीख-चीख कर गवाही दे रहा है ..कि कैसे....टीम इंडिया ने कुछ मुकाबलों में अपने पैर पर ही कुल्हाड़ी मारी ...और आखिरी में ....टेक दिए कंगारीओं के आगे घुटने ...कभी सीरीज़ में 2-1 से लीड कर रही टीम इंडिया....इस गुमान में थी ..कि ऑस्ट्रेलिया की घयल सेना को हराना .तो उनके बाएं हाथ का खेल हैं....और इसी अतिआत्मविश्वास ने ली टीम इंडिया की जान ...वडोदरा में आखिरी ओवर में जीत के लिए ...बनाने थे...9 रन लेकनि चार बाल्लेबाज़ भी मिलकर ये काम नही कर सके...इसके बाद ..मोहाली में टीम इंडिया के सामने था ..251 रनों का मामूली सा लक्ष्य....मामूली इसलिए ..क्योंकि पिच फ्लैट थी ..और गेंदबाज़ों के लिए कुछ भी आसान नही था...लेकिन इस पिच पर भी टीम इंडिया के मज़बूत बैटिंग लाइन-अप ...ऐसे ढही मानों उन्हे पवेलियन जाने की जल्दी ...हो और वो सीरीज़ को रोमांचक बनाना चाहते हों......मोहाली की इस हार के बाद...भी टीम इंडिया ने कोई सबक नही लिया...बल्कि करी कराई मेहनत पर पानी कैसे फेरा जाता है ...ये कोई टीम इंडिया से सीखे ..हैदराबाद में 3 रन की हार लने ये साबित कर दिया था...कि टीम इंडिया मैदानी जंग के अलावा दिमागी जंग भी हार चुकी है ...मैच के बाद खुद कप्तान धोनी ने भी इस बात को माना था ..कि टीम इंडिया के हौसंले पस्त हो चुके हैं... अब जब किसी टीम का कप्तान ही उसके हौंसले पस्क होने की बात कह रहा हो..तो फिर उस टीम से उम्मीद ही क्या की जा सकती है ..गुवाहाटी में ..पहले ओवर से ही साफ हो गया...की टीम इंडिया इस मैच को जीतने नही वाली और फिर बल्लेबाज़ों ने ऐसी नय्या डुबोई की ..गेदबाज़ चाहकर भी बल्लेबाज़ों की नाकामी पर पर्दा नहीं डाल सके.....अब सीरीज़ तो टीम इंडिया के हाथों से निकल चुकी है....लेकिन अस सीरीज़ के 6 मैचों ने एक बात तो सलाफ कर दी है ...कि वर्ल्ड की नंबर दो टीम होने का दावा करने वाली टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया जैसे बनने में अभी काफी वक्त है.

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