Friday, November 6, 2009

किया धरा सब पानी में....


हैदराबाद में सचिन ने 17 हजार रन पूरे किए.. करियर का 45 वां शतक भी जड़ दिया और साथ ही खेल डाली 175 रनों की मैराथन पारी ..जिसके दम पर टीम इंडिया 351 रनों के टारगेट के बेहद करीब तक जा पहुंची थी..लेकिन सचिन की सारी मेहनत बेकार हो गई.. और टीम इंडिया ने मैच गंवा दिया...इस हार का चोट ने सचिन को इतना बड़ा सदमा दिया...वो अब किसी से बात करने को भी तैयार नहीं हैं.....
टीम इँडिया के लिए कई बार जीत की इबारत लिखने वाले सचिन ...हैदराबाद में भी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाने के करीब थे...सचिन ने सबकुछ किया......चौके-छक्के लगाए ...रन रेट को गिरने नही दिया.....लगातार विकेट गिरने के वावजूद एक छोर को थामे रखा ..पारी के आधे से ज्य्दा रन बनाए....और टीम को उस मुकाम तक ले गए... जहां से जीतना महज़ एक औपचारिकता था...लेकनि सचिन क्या गए ....जीत ने भी मुंह मोड लिया.....जब सचिन आउट हुए तो टीम इंडिया को जीत के लिए महज़ 19 रन बनाने थे....लेकिन बाकी के बचे 4 बल्लेबाज़ भी ये काम मिलकर नही कर सके.....और फिर गया सचिन की मेहनत पर पानी...कहने वाले तो कहेंगे कि ..सचिन ने एक बार फिर टीम इंडिया को जीत नही दिला सके...लेकनि उन्हे कौन समझाए ....कि अकेले सचिन क्या-क्या करेंगे ...उम्म्दीदों का भार...और टीम की नय्या पार लगाने का ज़िम्मा... सचिन तो 17000 रनों के शिखर तक पहुपंचने का जश्न भी नही मना सकेगें ..क्योकि अनके साथियों ने .उनकी मेहनत को मातम में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी ...ठीक उसी तरह जिस तरह दस साल पहले .....पाकिस्तान के खिलाफ..टीम इंडिया को जीतने के लिए 17 रन बनाने थे..लेकनि सचिन के आउट होते ही...4 खिलाड़ी...सिर्फ 4 रन ही जोड़ सके...और टीम इंडिया ने हाथ में आया हुआ मैच ..12 रनों से गंवा दिया... यानी हालात ...एक दशक के बाद भी नहीं बदले ..हैं....अब सवाल ये हैं कि ...टीम इंडिया को जीत की दहलीज़ पर पहुंचाने का ज़िम्मा जब सचिन का है ...तो क्या बाकी दस खिलाड़ियों की फौज़ ...इसे अंजाम तक नहीं पहुंचा सकती .....20 साल से तो ..सचिन भारतीय उम्मीदों को बोझ ढो रहे हैं...लेकनि उनका क्या....जो सचिन की मेहनत पर लगातार पानी फेर देते हैं....और उनका क्या....जो क्रिकेटर्स को अपना सबकुछ मान बैठे हैं....शायद भारतीय क्रिकेट की नयी पीढ़ी सचिन के आसपास भी नहीं है...इसलिए सचिन सचिन हैं...और क्रिकेट की दुनिया उन्हे भगवान मानती है....

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