Saturday, September 12, 2009

1 दिन के बादशाह...यानी टीम इंडिया


जी हां ...ये नाम टीम इंडिया पर बिल्कुल फिट होता.....क्योकि जिस धमाकेदार अंदाज में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर वन-डे की बादशाहत हासिल की थी.....उसी अंदाज में टीम इंडिया ने शर्मनाक हार के साथ नंबर वन का ताज भी गंवा दिया.....जिस बादशाहत को हासिल करने में टीम इंडिया को सालों लग गए....उस ताज़ को गंवाने में टीम इंडिया को सिर्फ 1 दिन लगा......

24 घंटे 14 मिनट ... वक्त का बस यही वो दायरा था ... जिसमें भारतीय क्रिकेट फैन्स ये ... महसूस कर सके कि उनकी टीम इंडिया भी ... वर्ल्ड क्रिकेट की बेताज बादशाह बन चुकी है। लेकिन बदकिस्मती शायद टीम इंडिया के फैन्स की खुशी के साथ-साथ ही चल रही थी ... क्योंकि कोलंबो वन-डे में श्रीलंका से धोनी ब्रिगेड को हार क्या मिली ... टीम इंडिया से साथ ही छिन गया आईसीसी की नंबर-1 टीम यानि वर्ल्ड क्रिकेट की बादशाह होने का रूतबा। ट्रायंगुलर सीरीज़ के पिछले मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को 6 विकेट रौंदने के बाद ... टीम इंडिया ये अच्छी तरह से जानती थी ... कि श्रीलंका से आखिरी लीग मैच नतीजे के लिहाज़ से भले ही ज़्यादा मायने न रखता हो ... लेकिन बीती रात मिली बादशाहत को खतरे में ज़रूर डाल सकता है। लेकिन कोलंबो में कहानी किसी और ही रंग को अख्तियार करती दिखाई दी ... पूरे मैच के दौरान ना तो टीम इंडिया में नंबर-1 जैसा जोश दिखाई दिया ... औऱ ना ही जीतने के लिए कोई ललक। श्रीलंका के खिलाफ चैंपियन सा तो दूर ... टीम इंडिया का प्रदर्शन ऐसा लग रहा था मानो कोई क्लब लेवल की टीम खेल रही हो। नतीजा ये था कि लंकाई पारी के दौरान भारतीय गेंदबाज़ी की धार नदारद थी औऱ फील्डिंग में सुस्ती का आलम था ... बात बैटिंग की आई ... तो बल्लेबाज़ों के हाथों की ताकत खत्म नज़र आई। ज़ाहिर है पिछली जीत से अतिविश्वास में आ चुकी टीम इंडिया का पुराना मर्ज़ एक बार फिर जाग गया था। फाइनल से पहले लंका के खिलाफ बिना अहमियत वाले ... लीग मैच को अधूरी तैयारी के साथ खेलने उतरी टीम इंडिया को मेज़बान से मात तो मिली ही ... साथ ही वन-डे की बादशाहत का ताज भी गंवाना पड़ा। बहरहाल टीम इंडिया के पास सोमवार को होने वाले फाइनल में एक बार फिर ये मौका रहेगा .. कि वो वन-डे की बादशाहत हासिल कर सके ... लेकिन उसके लिए सबसे अहम ज़रूरत होगी कि धोनी अपनी टीम को गलतियों में सुधार करने के लिए तैयार करें ... क्योंकि मुमकिन है कि अब अगर ये मौका टीम के हाथ से चूका तो लंबे वक्त तक हाथ में ना आये।


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